Bad compatible | The Story of Lions and wolf

lion and wolf story

Bad compatible | The story of the lion and wolf.

There lived a lazy and evil wolf in a forest. He did not do any work and lived in this jugaad, someone should arrange a hunt for him. One day he met a young lion. He caught her in the trap of his friendship by talking sweetly. The lion’s parents knew that the wolf was very evil, so they had already warned the lion never to be friends with the wolf. You can get into trouble because of him, so stay away from him always. But the lion did not listen to him and made friends with the wolf.

Bad compatible story

Now the lion and the wolf had become good friends. The lion hunted and brought it and both the wolf and the lion used to eat it together. One day the eyes of the wolf fell on the horses, they were drinking water on the bank of the lake. Seeing the horses, the wolf’s mouth watered. He made a plan by which he would persuade the lion to hunt the horse.

For more English stories-click here

He went and told the lion, we are tired of eating goats and other animals every day, why should something be done differently. Taxes become very powerful, you hunt them. The lion said, okay, take me to the lake where the horses come, I will hunt them. The wolf took the lion there and the lion hid behind the bush, as soon as the horses came there, the lion attacked and caught a horse and both the lion and the wolf feasted on it.

Bad company |The story of the lion and wolf |


When the lion’s parents came to know that the lion had hunted the horse, they became very upset because they knew that the horse belonged to the king and if the king came to know about this, he would get the lion killed. He called the lion and explained, son, stay away from the wolf, his company is not good, he will put you in trouble. The horses you are hunting belong to the king and if the king comes to know about this he will kill you.

But the lion did not listen to his parents and left from there. And started hunting the horse every day, when the king came to know about this, he arranged water for the horses in his palace itself, he did not want to kill the lion because he knew the parents of the lion. The lion’s parents were friends of the king.

Short moral stories for kids

But the wolf was very wicked. He provoked the lion, you are very powerful, and you can even go to the king’s palace and kill the horse. You are very strong, you have nothing to fear. The lion thought that the wolf was right, that’s why the king feared me and kept the horses in his palace.

The Story of Lions and wolf

Thinking this, he started towards the palace for horse hunting. When the king saw the lion in the palace. he got very angry and ordered his soldier to kill the lion. Soldiers attacked him with arrows and killed him. The wolf ran away in fear, but the lion had to lose his life for not obeying his parents.

Moral: The one who does not listen to the advice of his elders, and lives in the company of bad people, has to lose his life like this.

25 फलो के नाम | 25 fruits name |click here

चिड़िया की कहानी | नित्तु ने उड़ना सिखा |

bird story for kids

चिड़िया की कहानी : नित्तु ने उड़ना सिखा | बच्चो की कहानी | Birds Hindi story for kids. Birds Hindi story बच्चो के लिए बनाई हुई आसन और सिख देने वाली हिंदी story है जो बच्चो को डर पर जीत हासिल करने में मदद करती है|

चिड़िया की कहानी | बच्चो के लिए हिन्दी कहानी |

मिनी चिड़िया नदी के किनारे एक पेड़ पर अपने बच्चो किट्टू और नित्तु के साथ रहती थी | नित्तु बहुत ही शरारती था |मिनी के मना करने के बावजूद वह घोंसले से बाहर जाने की कोशिश करता था |

एक दिन जब मिनी हमेशा की तरह भोजन की तलाश में गयी हुई थी तब पहले की तरह ही नित्तु घोंसले से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था | लेकिन इस बार वह नीचे गिर गया |

चिड़िया की कही 2 अनमोल बातें क्लिक करें

चिड़िया की कहानी | Hindi bird Story for kids
Hindi birds Story for kids| चिड़िया की कहानी |


किट्टू घबरा गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा| पडोसी खट्टू मदद के लिए आये और उसे डॉक्टर के पास ले गये | मिनी तब तक लौट आई थी | गिरने के कारण नित्तु का पैर ज़ख़्मी हो गया था| डॉक्टर ने उसके पैर में पट्टी बांध दी और उसे कुछ दवाई दी |
नित्तु जल्दी ही अच्छा महसूस करने लगा|

Bird Hindi story for kids

कुछ महीने बाद किट्टू और नित्तु बडे हो गये| मिनी ने महसूस किया की अब वो उड़ना सीखने के लिए तैयार थे |कुछ कोशिश के बाद किट्टू ने उड़ना सीख लिया लेकिन नित्तु बहुत ही डर रहा था | उसे इस बात का डर था वो गिर जायेगा और फिर से घायल हो जायेगा|

नित्तु का डर

अपने बच्चे नित्तु को समझाते हुए मिनी बोली, “कुछ महीने पहले तुम जब गिरे थे तब तुम छोटे बच्चे थे लेकिन अब तुम बडे हो गये हो | तुम्हारे पंख आ गये हैं अब तुम नही गिरोगे “लेकिन नित्तु कुछ भी नही सुनता था | वह एक डाल से दूसरी डाल पर कूद कर आगे बढ़ता था|

तैरते हुए बच्चे देख कर आई हिम्मत

एक दिन नित्तु पेड से निचे देख रहा था वहां कुछ बच्चे आये हुए थे वो पेड पर चढ़ कर ऊँचाई से पानी में डुबकी लगा रहे था और तैरते हुए खेल रहे थे| डुबकी लगा कर वो बहर आ जाते और फिर से वेसा ही करते | वो सब बच्चे बहुत खुश नज़र आ रहे थे |

नित्तु ने अपनी मम्मी से पूछा,” मम्मी ये बच्चे इतनी ऊँचाई से गिरने के बाद घायल क्योँ नही होते हैं ? “

मिनी माँ ने समझाया | चिड़िया की कहानी |

मिनी ने बताया ऐसा इसलिए बेटा क्यूंकि वो पानी में डुबकी लगाते हैं ज़मीन पर नही गिरते हैं|

नित्तु ने हेरानी से पूछा, ” पानी में गिरने से चोट नही लगती है ?”

मिनी ने बताया,” बिलकुल नही पानी की सतह कठोर नही होती|

मिनी के दिमाग में एक आईडिया आया उसने नित्तु से पूछा तुम पानी में तेरने की कोशिश क्योँ नही करते तुम्हे भी बड़ा मज़ा आएगा|पानी में कूदने के बाद तुम्हे तुरंत जोरो से अपने पंख झाड़ने है और फड फ्ड़ाने हैं ताकि तुम उड़ सको |
नित्तु डर कर बोला “लेकिन में अगर पानी में गिर गया तो क्या होगा ? मुझे तो तेरना भी नही आता है “

( Hindi story for kids)


मिनी ने कहा डरो मत नित्तु , क्या तुमने अंकल टीकू कछुए को पानी के अन्दर देखा है ? में ने उन्हें तुम्हारी मदद के लिए कहा है |


नित्तु डर रहा था लेकिन उसकी मम्मी ने उसको होंसला दिया और वो अपनी मम्मी मिनी की बात मान कर पानी में तेरने के लिए पेड से कूद गया |जैसे ही नित्तु नीचे कूदा उसने अपने पंख खोल लिए और वो उड़ने लगा| ये देख कर मिनी के आश्चर्य का ठिकाना नही रहा |


नित्तु ख़ुशी से बोला, ” मम्मी देखिये मैं उड़ सकता हूँ “


आख़िरकार नित्तु ने अपने डर पर जीत पा ली थी और उसने उड़ना सिख लिया था |

और कहानी पढने के लिए क्लिक करें – Hindi stories

Birds pic click here

The Lion and the Mouse

english-story-for-kids

The Lion and the Mouse English story for kids: Easy and short English story for kids with Moral and Hindi Translation.

The Lion and the Mouse English story for kids

Once a tiger was resting. Then the mouse passed from there. Tiger caught the mouse. The mouse prayed please don’t eat me. Do you know if I can come to your work someday?

Tiger felt pity for the mouse and left the mouse.

The Lion and the Mouse |English story for kids
English story for kids

One day hunters came to the forest. His eyes fell on Tiger. The hunter casts a net to catch the tiger. Tiger got caught in the hunter’s net. the hunter was feeling fatigued.

he thought to take some rest before walking. Thinking this he fell asleep sitting under the tree. Tiger was feeling very helpless in the trap.
That time the rat passed by which Tiger had left that day. He saw the tiger trapped in the net. The rat came running to help the tiger and gnawed the whole net. And Tiger got free.

Tiger thanks the mouse. Both happily went to their homes.

Moral of the Story: Goodness begets Goodness

Click here for English Poem for kids

click here for Lion pics

Lion and mouse | story for kids |

Hindi Translation:

एक बार एक टाइगर आराम कर रहा था। तभी चूहा वहां से गुजरा। टाइगर ने चूहे को पकड़ लिया। चूहे ने प्रार्थना की कृपया मुझे मत खाओ। क्या पता मैं किसी दिन आपके काम पर आ जाऊं ? टाइगर को चूहे पर दया आई और उसने चूहे को छोड़ दिया।

एक दिन एक शिकारी जंगल में आया । उसकी नजर टाइगर पर पड़ी। शिकारी टाइगर को पकड़ने के लिए जाल डालता है। टाइगर शिकारी के जाल में फंस गया। शिकारी थकान महसूस कर रहा था। उसने सोचा चलने से पहले थोड़ा आराम कर लो। यह सोचकर वह पेड़ के नीचे बैठ कर सो गया। जाल में टाइगर काफी बेबस महसूस कर रहा था।


उस समय चूहा वहां से गुजरा जिसे उस दिन टाइगर ने छोड़ दिया था | उसने देखा कि टाइगर जाल में फंसा हुआ है। टाइगर की मदद के लिए चूहा दौड़ता हुआ आया और पूरे जाल को कुतर दिया और टाइगर मुक्त हो गया। टाइगर ने चूहे का धन्यवाद किया और दोनों खुशी-खुशी अपने-अपने घर चले गए।

Moral of the story : अच्छाई अच्छाई को जन्म देती है |