छोटे बच्चे को ताकत देने वाली चीज़े

छोटे बच्चे की बीमारी का इलाज

baby diet | छोटे बच्चे को ताकत देने वाले चीज़े-new born baby healthy diet| नवजात बच्चे को अजवाइन और हरड घिसकर हलके गरम पानी में मिलाकर घुट्टी की सूरत में पिलायें | बच्चो से related और चीज़े जानने के लिए क्लिक करे – baby care

छोटे बच्चे को ताकत देने वाली चीज़े

orange: 6 हफ्ते की उम्र के बाद से ही फल , सब्जियों का रस , सूप दे सकते हैं| बच्चो को नारंगी (orange) का रस पिलाते रहने से बच्चे थोड़े ही वक़्त में मोटे ताज़े हो जाते हैं और उनकी बढ़त में भी तेज़ी होती है| हड्डियों की कमजोरी और टेढ़ापन दूर हो जाता है और हड्डियाँ मजबूत हो जाती हैं| बच्चा जल्दी चलने फिरने लगता है| डिब्बे या गाय का दूध बोतल से पिने वाले बच्चो को तो नारंगी का रस लगातार पिलाना ज़रूरी है |

बच्चे का आहारDiet for new born baby

गाजर : कमज़ोर बच्चो को गाजर का रस रोजाना तीन बार पिलाने से बच्चे सेहतमंद रहते हैं| सेहतमंद बच्चे को पिलाने से वह ताकतवर हो जाते हैं| बच्चे की माँ भी गाजर का रस पिये यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है |जिन बच्चो को पैदाइश से ही गाजर का रस दिया जाता है वह कभी बीमार नही होते ,दूध के साथ गाजर का रस पिलाने से बच्चे तेज़ी से बढ़ते है |

छोटे बच्चे को ताकत देने वाली चीज़े-new born baby healthy diet

सरसों का तेल : बच्चो को सरसों के तेल की मालिश करके धूप में लिटाना चाहिए |

आलू : आलू का रस दूध पीते बच्चो और बड़े बच्चो को पिलाने से वे मोटे ताज़े हो जाते हैं |

बादाम : बादाम में चूना , लोहा (iron) , फास्फोरस अधिक मात्रा में पाया जाता है जो अच्छो की हड्डियों की मजबूत करता है | दूध पिटे बच्चो के लिए रात को एक बादाम भिगो दें | सुबह पीसकर दूध में मिलाकर पिलायें |

New born baby healthy diet

लहसुन : दो चमच्च पानी में एक बूँद लहसून का रस चोथाई चम्मच शहद मिलाकर पिलाने से बच्चे की कमजोरी दूर हो जाती हैं |

जहाँ तक हो सके बच्चो को दवाएं नही देनी चाहिए | खाने पीने की आम चीजों से ही इलाज करना चाहिए |

बच्चे का आहार- Diet for new born baby

बच्चे का आहार- Diet for new born baby

बच्चे का आहार- Diet for new born baby | हमारे देश में बच्चे के आहार पर खास ध्यान नही दिया जाता है इसलिए हमने specially छोटे नवजात बच्चो के लिए यह पोस्ट बनाई है |

छोटे बच्चे को कितना दूध पिलाना चाहिए

बच्चा जब पैदा होता है तो पहले दिन उसे केवल 10 gram दूध की अवश्यकता होती है लेकिन दुसरे दिन उसे 85 ग्राम और तीसरे दिन 185 ग्राम आवशयकता होती है| यह गति तेज़ी से बढती रहती है यह तक की एक महीने की आयु में बच्चे को 725 ग्राम यानी 3 पाव दूध ज़रूरी हो जाता है |

छोटे बच्चे को दूध कितनी बार पिलाना चाहिए

दूध कितनी बार दिन में पिलाना चाहिए यह कुछ ठोस तरीके से नही कहा जा सकता हैं लेकिन यह कहा जाता है की बच्चे को तीन तीन या चार चार घंटे के बाद दूध पिलाना चाहिए लेकिन अब डॉक्टर्स का कहना है की जब बच्चे को भूक लगे उसे दूध पिला देना चाहिए और 24 घंटो में उसे 10-12 बार दूध पिलाना चाहिए वेसे भी बच्चा 12,14 घंटे सोता है और और 10 घंटे जागता है |

बच्चे का आहार- Diet for new born baby
बच्चे का आहार- Diet for new born baby

छोटे बच्चे को कोन सा दूध पिलाना चाहिए

बच्चे के आहार का ईश्वर ने बंदोबस्त किया है लेकिन हम उसे न मानते हुए डिब्बो में पैक आहार का प्रयोग करते हैं जो बच्चे की बुनियादी सेहत को भरी नुकसान पहुचाता है | अगर माँ के दूध और भेंस के दूध की तुलना करें तो दोनों के तत्वों की तरह उसका आहार भी अलग अलग होगा और इसलिए दिमाग और बच्चे की सेहत की बढ़त सही दिशा में नही होगी|जिसकी मिसाल है आजकल पतली पतली टांगो वाले बच्चे जिनको यही कुपोषण ले डूबता है | यह कपुषण माँ का दूध न मिलने या कम मिलने के बाद डब्बे के दूध से मिलता है |

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माँ के दूध में बच्चे के लालन पालन के लिए इतने carbohydrates होते हैं जो शिशु की शारीरिक आवश्यकताओ के लिए पुरे होते हैं | ये कार्ब्स गाय , भेंस या डिब्बे के दूध में मिलना नामुमकिन हैं और इनकी प्रोटीन मात्रा भी अलग होता है और खालिस सूरत में यह शिशु को हज़म भी नही होता |

100 gram दूध में प्रोटीन, कार्ब्स आदि की मात्रा

इंसानी दूधबकरी का दूधगाय दूधभेंस का दूध
प्रोटीन1.543.35
carbohydrates6.5555
चिकनाई3.3447.5
namak10888
100 gram दूध में मोजूद प्रोटीन कार्ब्स

ध्यान रखने वाली बातें (बच्चे का आहार)

भेंस का दूध देते समय 100 ग्राम दूध में 200 ग्राम पानी मिलाना चाहिए | बच्चे को आधा चमच्च मलाई भी रोजाना देनी चाहिए | शिशु एक महीने का हो जाये तो उसे आधा चम्मच फलो के रस में आधा चम्मच पानी डालकर देना चाहिए | बच्चा जब 6 महीने का हो जाए तो सूजी का पतला हलवा एक चम्मच रोजाना देना बच्चे के लिए लाभदायक है |

4 महीने के बच्चे को पके हुए केले का छोटा सा टुकड़ा देकर देखे बच्चा पचा ले तो रोजाना 3,4 ग्राम पके केले का गुदा धीरे धीरे थोड़ी मात्रा में बढ़ाएं |

यह गलतियाँ न करें ( छोटे बच्चे के साथ करने वाली सावधानियां )

  • बच्चे को कच्चे और पके हुए खाने या चबाने वाली चीज़े उस समय तक न दें जब तक उसके दांत नही निकल आते |
  • बच्चे को घी , मक्खन , और चर्बी वाली चीजों से परहेज़ कराएँ |
  • एक साल से कम उम्र वाले बच्चे को पूरी या परांठे का टुकड़ा या आइसक्रीम या बर्फ का गोला बिलकुल न दें |
  • बच्चे को सूखे मेवे या ठोस खाना न दें |
  • एक से तीन साल की उम्र के बच्चे को रोजाना 1100 कैलोरीज की आवश्यकता होती है |
  • 4 से 6 साल के उम्र के बच्चे को रोजाना 1800 कैलोरीज की आवश्यकता होती है |
  • 7 से 9 साल के उम्र के बच्चे को रोजाना 1500 कैलोरीज की आवश्यकता होती है |
  • 10 से 12 साल के उम्र के बच्चे को रोजाना 2800 कैलोरीज की आवश्यकता होती है |